4 सितंबर 2024 के एपिसोड में Jhanak ने दर्शकों को एक बार फिर से पारिवारिक ड्रामा और भावनात्मक उथल-पुथल का गवाह बनाया। एपिसोड की शुरुआत अप्पू की शादी के उत्सव से होती है, जहां बोस परिवार के सदस्य और दोस्त एकत्रित होते हैं। इस मौके पर अप्पू और उसके परिवार के चेहरों पर खुशी साफ झलकती है, लेकिन तनुजा की आँखों में चिंता के बादल मंडरा रहे हैं। उसकी उदासी और दूर रहने की प्रवृत्ति सबका ध्यान आकर्षित करती है, और उसे सामान्य व्यवहार करने की सलाह दी जाती है।
शादी की रस्मों की शुरुआत हल्दी समारोह से होती है, जहाँ अप्पू के चेहरे पर एक के बाद एक परिवार के सदस्य हल्दी लगाते हैं। जैसे ही मिमी हल्दी लेकर आती है, वह मस्ती-मज़ाक में अर्शी के चेहरे पर भी हल्दी लगा देती है। अर्शी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देती है, जिससे माहौल में अचानक तनाव उत्पन्न हो जाता है। इस अप्रिय घटना के बाद, शुभो ने अपनी योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। वह नहीं चाहता कि ललन और उसकी माँ उसके पिता के गंदे अतीत के बारे में जानें, क्योंकि ऐसा होने पर उसकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। इसीलिए वह शादी को रोकने की साजिश रचता है।
इस बीच, ललन की बहन और उसकी कुछ सहेलियां बोस परिवार के घर उपहार लेकर आती हैं। लेकिन उनके साधारण कपड़े और गरीब पृष्ठभूमि के कारण शुभो और सृष्टि उन्हें नापसंद करते हैं। हालाँकि, ललन की बहन का अप्पू के प्रति स्नेह और सम्मान यह दिखाता है कि सच्चा प्यार और देखभाल किसी भी सामाजिक स्थिति से परे होते हैं। ललन की बहन, जो कि गरीब इलाकों से आई है, अप्पू को खुले दिल से स्वीकार करती है और उसे अपनी बहन के रूप में अपनाती है।
तनाव का मुख्य बिंदु तब आता है जब सृष्टि अनिरुद्ध को झनक के साथ समारोह में आते देखती है। अनिरुद्ध का झनक के साथ आना सृष्टि के मन में शंका और जलन को जन्म देता है। वह तनुजा से सवाल करती है कि आखिर अनिरुद्ध और झनक एक साथ क्यों और कैसे आए। इस पर तनुजा कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाती, जिससे सृष्टि और भी भड़क जाती है। अर्शी भी अनिरुद्ध से सवाल पूछती है, लेकिन अनिरुद्ध यह कहकर बात टाल देता है कि वह अपने पिता के आदेश पर छोटन को बुलाने गया था। हालांकि, अर्शी इस जवाब से संतुष्ट नहीं होती और उसके मन में संदेह बना रहता है। सृष्टि, जो जलन और क्रोध से भरी होती है, अनिरुद्ध पर सवालों की बौछार कर देती है, लेकिन अनिरुद्ध चुप रहने का फैसला करता है, जिससे स्थिति और भी पेचीदा हो जाती है।
तनाव को कम करने के लिए, झनक, मिमी और अंजना एक साथ नृत्य करने का निर्णय लेते हैं। उनका नृत्य प्रदर्शन माहौल को हल्का करने का काम करता है, और अप्पू के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ जाती है। लेकिन जैसे ही नृत्य समाप्त होता है, अप्पू आग्रह करती है कि अनिरुद्ध और झनक भी हल्दी के खेल में भाग लें। दोनों के बीच पहले से ही चल रही कड़वाहट खुलकर सामने आ जाती है, और वे एक-दूसरे पर ताने मारने लगते हैं। इस घटनाक्रम से वहां उपस्थित लोग हैरान रह जाते हैं, लेकिन अप्पू को इस सब का अंदाजा नहीं होता। वह स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश करती है, लेकिन तनाव कम नहीं होता।
इसी दौरान, मृणालिनी को छोटन के साथ अपने दिल की बात साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। मृणालिनी, जो अपने भीतर के भावनाओं को व्यक्त करने में हिचकिचा रही थी, को यह एहसास होता है कि उसे छोटन को अपनी भावनाओं के बारे में बताना चाहिए। यह नई जटिलता कहानी में एक और मोड़ जोड़ देती है, जिससे दर्शकों को आने वाले एपिसोड्स में और भी रोमांच का अनुभव होगा।
एपिसोड के अंत में, दर्शकों को एक तरफ झनक और अनिरुद्ध के बीच के तनाव को देखते हुए उनकी जटिलताओं को समझने का मौका मिला, वहीं दूसरी ओर मृणालिनी और छोटन के बीच बढ़ती नजदीकियों ने कहानी में एक रोमांटिक मोड़ दिया। कुल मिलाकर, यह एपिसोड भावनाओं और तनाव से भरपूर था, जिसने दर्शकों को अपने टीवी स्क्रीन से बांधे रखा।