Ghum Hai Kisikey Pyaar Mein एपिसोड की शुरुआत सवी और तारा के बीच बातचीत से होती है। तारा अपनी बेटी निया को वैक्सीन दिलवाने अस्पताल जाती है, लेकिन सवी को शक होता है कि अस्पताल में नकली वैक्सीन लग रही है। वह तारा को कॉल करके आगाह करने की कोशिश करती है, लेकिन तारा फोन नहीं उठाती। सवी अपनी कक्षा छोड़कर अस्पताल की ओर दौड़ती है ताकि निया को नकली वैक्सीन से बचा सके।
इस बीच, स्कूल में सई को उसके सहपाठी तंग करते हैं, जिससे सई का दिल टूट जाता है। वहीं, राजत को पता चलता है कि हर्ष ने अपनी नई कंपनी का नाम सैशा के नाम पर रखा है, जिससे राजत का गुस्सा और बढ़ जाता है। वह इस मामले को संभालने के लिए अपने ऑफिस में आदेश देते हैं।
जब सवी अस्पताल पहुंचती है, तो उसे पता चलता है कि वैक्सीनेशन रोक दिया गया है और मुंबई में येलो अलर्ट जारी किया गया है। सवी को सई की चिंता होती है। स्कूल में, सई और एक अन्य बच्चा अकेले रह जाते हैं और सवी को उन्हें लेने के लिए बुलाया जाता है। इस बीच, निकिता सवी को बताती है कि राजत सईशा को लेने आ रहा है।
राजत स्कूल पहुंचता है, लेकिन गलती से एक दूसरे बच्चे को सईशा समझकर घर ले आता है। इस पर हर्ष उसका मजाक उड़ाता है। राजत की इस गलती पर भव्यश्री और रज्जू उसे फटकारते हैं, और सवी को सईशा के बारे में चिंता होती है। सवी बच्चे को उसके माता-पिता के पास वापस लेकर जाती है और राजत की गलती के लिए माफी मांगती है।
जब सईशा घर आती है, तो वह खुद को एक बुरी लड़की मानने लगती है। सवी उसे समझाती है कि वह बहुत अच्छी लड़की है और उसे डरने की कोई जरूरत नहीं है। इस बीच, राजत को हर्ष के शब्दों का असर होता है, और वह घर लौटकर सवी और भव्यश्री के साथ बहस करता है।
एपिसोड के अंत में, राजत को अपनी गलती का एहसास होता है, लेकिन सवी उसे माफ करने के मूड में नहीं है। वह अपने दिल में यह सोचती है कि वह राजत को कभी माफ नहीं करेगी अगर उसकी वजह से सईशा को कोई नुकसान हुआ।